Faasle Aise Bhi HonGe Ye Kabhi Socha Na Tha...
Saamnae Baitha Tha Mere Or Wo Mera na Tha….
अपने लबों से भी तो कभी आज़ाद कर ख्वाहिशें अपनी.
जरा मुझे भी तो मालूम हो मेरी तलब तुझे किस हद तक है
कुछ आता है खुद चलकर, कुछ तक चल जाना होता है
मिलता वही है जो लिखा है, बाक़ी सब बहाना होता है
रहने दे मुझे यूँ उलझा हुआ सा तुझमें,
सुना है सुलझ जाने से धागे अलग अलग हो जाते हैं..!!
मोहब्बत करने वालों की कमी नहीं दुनियां में.....
अकाल तो....
निभाने वालों का पड़ा हुआ है...
नफ़रत करते तो अहमियत बढ़ जाती उनकी
मैंने माफ़ कर के उनको शर्मिंदा कर दिया
कहते है हो जाता है संगत का असर....
पर काँटों को आज तक नहीं आया, महकने का सलीका... !!!!
Saamnae Baitha Tha Mere Or Wo Mera na Tha….
अपने लबों से भी तो कभी आज़ाद कर ख्वाहिशें अपनी.
जरा मुझे भी तो मालूम हो मेरी तलब तुझे किस हद तक है
कुछ आता है खुद चलकर, कुछ तक चल जाना होता है
मिलता वही है जो लिखा है, बाक़ी सब बहाना होता है
रहने दे मुझे यूँ उलझा हुआ सा तुझमें,
सुना है सुलझ जाने से धागे अलग अलग हो जाते हैं..!!
मोहब्बत करने वालों की कमी नहीं दुनियां में.....
अकाल तो....
निभाने वालों का पड़ा हुआ है...
नफ़रत करते तो अहमियत बढ़ जाती उनकी
मैंने माफ़ कर के उनको शर्मिंदा कर दिया
कहते है हो जाता है संगत का असर....
पर काँटों को आज तक नहीं आया, महकने का सलीका... !!!!
Nice heart touching staus in hindi
ReplyDeleteSuper sir
ReplyDelete