इतना भी प्यार किस काम का भूलना भी चाहो तो नफ़रत की हद तक जाना पड़े...
माना की तुम्हारी एक... आवाज़ से भीड उभर आती हे... पर पगले हमारी एक ललकार...से सारी भीड़ बिखर जाती हे..
""" सुनो कौन कहता है क़ि चाँद तारे तोड़ लाना ज़रूरी है.. दिल को छू जाये प्यार से दो लफ्ज़ वही काफी है
""" जमीऩ के ऊपर मोहब्बत से रहना सीख़ लो" वरऩा जमीऩ के निचे भी सकूऩ से ना रह पाओगे"
""" कितना अजीब है उनका अंदाज ए मोहब्बत रोज रूला के कहते है ... अपना खयाल रखना
""" उस अम्मा को भी रोटी के लाले हैं। जिसके बेटे चार कमाने वाले हैं।
""" लाख आधीआ चलाये ये जमाने वाले ये चिरागे मुहब्बत ना बुजेगा, सुन ले बुजाने वाले
""" मेरा सब कुछ रख लो ऐ मोहब्बत के वकीलों बस मुझे उसकी यादो की कैद से रिहाई चाहिए
""" कहना बहुत हुआ,अब सह कर देखते हैं.. चलो थोड़ा और उसके साथ रह कर देखते हैं..!!
""" एक नफरत ही है जिसे दुनिया पल भर में समझ लेती है.. वरना मोहब्बत का तो पता लगने में सालों निकल जाते हैं